
इंदौर, 19 सितंबर 2026। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर पहुंच रहे हैं। वे यहां आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे बताए जा रहे हैं।
राहुल गांधी के दोपहर करीब 1:45 बजे इंदौर पहुंचने और शाम 5:30 बजे से रीजनल पार्क के सामने आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम में वे लगभग डेढ़ घंटे युवाओं के साथ संवाद कर सकते हैं।
युवाओं और शिक्षा के मुद्दे रहेंगे केंद्र में
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं की शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम में करीब 40 हजार युवाओं के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
आयोजकों ने कार्यक्रम को पारंपरिक राजनीतिक सभा के बजाय युवाओं के संवाद मंच के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया है। कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेस के झंडे और चुनावी प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं करने की जानकारी भी सामने आई है।
इंदौर में सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था
राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान कई मार्गों पर यातायात डायवर्जन की योजना बनाई है। उनके एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के मार्ग पर स्वागत मंच भी लगाए जाने की जानकारी है।
कार्यक्रम से पहले राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले इंदौर में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। शहर के कुछ स्थानों पर ‘झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर लगाए गए। कांग्रेस ने इन पोस्टरों के पीछे भाजपा का हाथ होने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि पोस्टर छात्रों द्वारा राहुल गांधी के कथित बयानों के विरोध में लगाए गए हैं।
इस तरह राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर एक ओर जहां युवाओं और विद्यार्थियों के संवाद कार्यक्रम पर नजर है, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम से पहले राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने भी शहर का माहौल चर्चा में ला दिया है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार राघव चैतन्य, लशकरी और विकास अनबिटेबल प्रस्तुति देंगे।
शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य पर संवाद को बताया महत्वपूर्ण पहल
राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह ने कहा कि “देश के युवाओं और छात्रों की बात सीधे सुनना लोकतांत्रिक संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी है। ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं सीधे रखने का अवसर मिलता है। शिक्षा और रोजगार युवाओं के भविष्य से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण विषय हैं और इन पर गंभीर संवाद आवश्यक है।”
पूर्व मंत्री सत्यनारायण पटेल ने कहा कि “इंदौर हमेशा से शिक्षा और प्रतिभा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। राहुल गांधी का विद्यार्थियों के बीच जाकर उनकी बात सुनना युवाओं के प्रति संवाद की भावना को दर्शाता है। विद्यार्थियों की समस्याओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर खुली चर्चा समय की आवश्यकता है।”
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि “आज का युवा अपने भविष्य को लेकर जागरूक है और वह अपनी बात मजबूती से रखना चाहता है। ‘छात्रों की गूंज’ विद्यार्थियों को अपनी आवाज उठाने और अपने अनुभव साझा करने का मंच प्रदान कर रहा है। शिक्षा और रोजगार के विषयों पर युवाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करती है।” कार्यक्रम में कमलेश्वर पटेल की मौजूदगी की भी रिपोर्टों में पुष्टि हुई है।
अधिवक्ता विनोद कुमार द्विवेदी ने कहा कि “छात्रों और युवाओं की आवाज को महत्व देना समाज और लोकतंत्र दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है। विद्यार्थियों को केवल शिक्षा प्राप्त करने वाला वर्ग नहीं, बल्कि देश के भविष्य के महत्वपूर्ण सहभागी के रूप में देखा जाना चाहिए। ‘छात्रों की गूंज’ जैसे संवाद से युवाओं के वास्तविक मुद्दे सामने आने की उम्मीद है।”
युवाओं की आवाज को मंच देने पर जोर
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी के छात्रों और युवाओं के साथ सीधे संवाद की जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम का फोकस शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर रखा गया है।
‘छात्रों की गूंज’ का इंदौर संस्करण इस श्रृंखला का पांचवां कार्यक्रम है। इससे पहले कोटा, प्रयागराज, देहरादून और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
