
छात्रों की गूंज में गूंजे युवाओं के सवाल
पेपर लीक, MPPSC भर्ती, छात्रवृत्ति, हॉस्टल और रोजगार पर राहुल गांधी से सीधा संवाद
इंदौर, 20 सितंबर 2026। इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शिक्षा और रोजगार से जुड़े युवा मुद्दों को लेकर चर्चा का प्रमुख केंद्र रहा। 19 सितंबर को हुए कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक, छात्रवृत्ति, हॉस्टल, विश्वविद्यालयों की पारदर्शिता और रोजगार से जुड़ी अपनी समस्याएं सामने रखीं।
MPPSC से लेकर भर्ती परीक्षाओं तक सवाल
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में देरी और परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं का मुद्दा उठाया। देवास से आए एक विद्यार्थी ने MPPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी परेशानियां बताईं और पेपर लीक तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल रखे।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में पेपर लीक, खाली पदों, भर्ती में देरी और युवाओं के रोजगार जैसे विषयों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को व्यवस्था से सवाल पूछने और अपने अधिकारों के बारे में जानने का अधिकार है।
हॉस्टल और छात्रवृत्ति की समस्या भी सामने आई
कार्यक्रम में केवल प्रतियोगी परीक्षाएं ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रोजमर्रा की समस्याएं भी सामने आईं। छात्रों ने सरकारी हॉस्टल में सीमित सीटों, रहने के बढ़ते खर्च, छात्रवृत्ति और शिक्षा की बढ़ती लागत से जुड़ी परेशानियां साझा कीं। आदिवासी क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों ने हॉस्टल तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
एक छात्रा ने छात्रवृत्ति और सरकारी हॉस्टल में सीट उपलब्ध नहीं होने की समस्या रखी, जबकि अन्य विद्यार्थियों ने कॉलेजों में शिक्षकों और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया।
विश्वविद्यालयों की पारदर्शिता पर भी सवाल
कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों में प्रवेश और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर भी विद्यार्थियों ने सवाल किए। एक विद्यार्थी ने प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता से संबंधित अपनी शिकायत साझा की। एक अन्य छात्र ने कॉलेज में स्थायी शिक्षकों की कमी और छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का मुद्दा उठाया।
‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ बना चर्चा का केंद्र
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ की थीम के जरिए विद्यार्थियों के सवाल पूछने के अधिकार पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, संस्थाओं की कार्यप्रणाली और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल उठाए। उनका यह राजनीतिक वक्तव्य उनके कार्यक्रम में व्यक्त किए गए दृष्टिकोण के रूप में सामने आया।
उन्होंने छात्रों को देश की नींव बताते हुए शिक्षा से लेकर रोजगार तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बात की।
कार्यक्रम के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
‘छात्रों की गूंज’ के बाद कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के कार्यक्रम और उसमें उठाए गए मुद्दों पर आलोचनात्मक प्रतिक्रिया दी, जबकि कांग्रेस ने कहा कि कार्यक्रम का केंद्र विद्यार्थियों की समस्याएं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल थे।
कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इसी तरह के युवा-केंद्रित संवाद को प्रदेश के अन्य जिलों तक ले जाने की योजना की भी घोषणा की है।
युवाओं के सामने अब बड़ा सवाल—शिक्षा से रोजगार तक रास्ता कितना सुगम?
इंदौर का यह कार्यक्रम एक बार फिर इस व्यापक मुद्दे को सामने लाता है कि शिक्षा, परीक्षा, भर्ती और रोजगार—इन चारों के बीच बेहतर समन्वय कैसे बनाया जाए। विद्यार्थियों के सवालों में परीक्षा की विश्वसनीयता से लेकर कॉलेज की सुविधाओं, छात्रवृत्ति, हॉस्टल और नौकरी तक की पूरी यात्रा दिखाई दी।
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री दिग्विजय सिंह , मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी , राज्यसभा सदस्य श्री अशोक सिंह ,श्री महेन्द्र सिंह चौहान , श्री सत्यनारायण पटेल , श्री कमलेश्वर पटेल , श्री मुकेश नायक , श्री विनोद द्विवेदी (अधिवक्ता ) आदि ने कार्यक्रम में लाखों की संख्या में छात्रों एवं युवाओं की उपस्थिति पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है |
‘छात्रों की गूंज’ में मंच राहुल गांधी का था, लेकिन चर्चा का केंद्र विद्यार्थी और उनके भविष्य से जुड़े सवाल रहे।
