सपने हुए साकार: एलएनसीटी यूनिवर्सिटी (LNCT University), भोपाल में चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न-
भोपाल, दिसंबर 2025 — एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के परिसर में आज पुरानी यादों और भविष्य के उत्साह का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह (4th Convocation Ceremony) का। यहाँ मौजूद सैकड़ों स्नातकों के लिए यह केवल एक औपचारिक समारोह नहीं था, बल्कि वह ‘लॉन्चपैड’ था जहाँ वर्षों की कड़ी मेहनत और शैक्षणिक तपस्या आधिकारिक तौर पर सफलता के प्रमाण पत्र में बदल गई।
भव्य मंच और गौरवशाली क्षण
विश्वविद्यालय का मुख्य प्रेक्षागृह नीले और सुनहरे गाउन के समंदर में तब्दील हो गया था। जैसे ही शैक्षणिक जुलूस (Academic Procession) ने प्रवेश किया, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भव्य रूप से सजाया गया मंच उन पलों का गवाह बना, जिसे कई छात्रों ने अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण बताया।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियों, प्रख्यात शिक्षाविदों और उद्योग जगत के नेताओं ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कुलपति के साथ शिरकत की और डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
समारोह की मुख्य झलकियाँ
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स्वर्ण पदक और सम्मान: इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और ह्यूमैनिटीज़ जैसे विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक (Gold Medals) से नवाजा गया।
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प्रेरक उद्बोधन: मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि डिग्रियां केवल ‘चाबियाँ’ हैं, लेकिन भारत के भविष्य के असली ‘इंजन’ स्वयं ये स्नातक हैं।
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डिग्रियों का उल्लास: कार्यक्रम का समापन पारंपरिक ‘कैप टॉस’ (टोपी उछालना) के साथ हुआ। भोपाल के आसमान में उड़ती काली टोपियां इस बात का प्रतीक थीं कि इन युवाओं के सपनों को अब आधिकारिक तौर पर नई उड़ान मिल गई है।
छात्रों की ज़ुबानी
“उस कुर्सी पर बैठकर अपने नाम पुकारे जाने का इंतज़ार करते हुए मुझे एहसास हुआ कि यह सिर्फ एक डिग्री के बारे में नहीं है। यह उन सभी बाधाओं को पार करने के बारे में है जो मैंने यहाँ तक पहुँचने के लिए झेलीं। आज, मेरे सपने सच होते दिख रहे हैं,” एक नवनियुक्त एमबीए स्नातक ने मुस्कुराते हुए कहा।
चौथा दीक्षांत समारोह एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने मध्य भारत के एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में इसकी प्रतिष्ठा को और मजबूती दी। जैसे ही कैंपस में सूरज ढला, औपचारिक अनुष्ठान पारिवारिक तस्वीरों और खुशियों में बदल गए, जो एक अध्याय के अंत और दूसरे रोमांचक अध्याय की शुरुआत का संकेत था।
कुलाधिपति श्री जयनारायण चौकसे जी का प्रेरणादायी उद्बोधन –
समारोह के दौरान एलएनसीटी ग्रुप के चेयरमैन और कुलाधिपति श्री जयनारायण चौकसे जी ने स्नातकों को संबोधित करते हुए एक अत्यंत प्रेरणादायी संदेश साझा किया। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा:
“आज का दिन केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का है। एलएनसीटी का उद्देश्य हमेशा से केवल कुशल पेशेवर तैयार करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले बेहतर इंसान बनाना रहा है। याद रखें, आपकी शिक्षा की असली परीक्षा कार्यक्षेत्र की चुनौतियों और मानवीय मूल्यों के संतुलन में होगी। अपनी जड़ों से जुड़े रहें और निरंतर सीखते रहें।”
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एलएनसीटी यूनिवर्सिटी नवाचार (Innovation) और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, ताकि यहाँ के छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
