LNCT मेडिकल कॉलेज एवं सेवा कुंज हॉस्पिटल में मकर संक्रांति पर काइट फेस्टिवल व आनंदमेला का भव्य आयोजन
LNCT मेडिकल कॉलेज एवं सेवा कुंज हॉस्पिटल में मकर संक्रांति पर काइट फेस्टिवल व आनंदमेला का भव्य आयोजन
इंदौर।
LNCT मेडिकल कॉलेज एवं सेवा कुंज हॉस्पिटल, इंदौर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर काइट फेस्टिवल एवं आनंदमेला का भव्य आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। रंग-बिरंगी पतंगों और सांस्कृतिक गतिविधियों से पूरा परिसर उत्सवमय वातावरण में डूबा रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ LNCT ग्रुप के सचिवधी श्री अनुपम चौकसे जी द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर LNCT के डायरेक्टर एवं विधिक प्रभारी श्री रविंद्र सिंह कुशवाह जी, डीन डॉ. साधना संवत्सर, डॉ. पूनम गौर एवं नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य सहित संस्थान का समस्त शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अनुपम चौकसे जी ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व हमें सकारात्मक सोच, नई ऊर्जा और सामूहिक आनंद का संदेश देते हैं। शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना होता है। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता को निखारती हैं।
काइट फेस्टिवल के दौरान MBBS, नर्सिंग, पैरामेडिकल, लॉ एवं अन्य विषयों में अध्ययनरत छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरे आयोजन में अनुशासन एवं उत्सव की भावना बनी रही।
आनंदमेला में छात्रों द्वारा विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जहाँ पारंपरिक एवं आधुनिक स्वादिष्ट व्यंजनों की भरमार रही। इन व्यंजनों का अतिथियों, स्टाफ एवं आगंतुकों ने खूब आनंद लिया। छात्रों की रचनात्मकता, प्रबंधन क्षमता और सामूहिक प्रयास मेले में स्पष्ट रूप से झलकते रहे।
अतिथियों ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शैक्षणिक तनाव को कम करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम का समापन उत्साह, उल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण के साथ हुआ। मकर संक्रांति के इस आयोजन ने LNCT मेडिकल कॉलेज एवं सेवा कुंज हॉस्पिटल की जीवंत शैक्षणिक संस्कृति एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार फिर सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।


