

बेंगलुरु।
इंटरनेशनल आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर, बेंगलुरु में ‘श्री श्री नाट्य’ के अंतर्गत शिक्षकों के लिए एक 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 14 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 तक आयोजित हुआ।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए पूरे भारत से 30 प्रतिभागियों का साक्षात्कार (इंटरव्यू) लिया गया, जिसके पश्चात योग्यता, अनुभव एवं कला-दृष्टि के आधार पर चयन किया गया। चयनित प्रतिभागियों को भारतीय नृत्य परंपरा और आध्यात्मिक चेतना से जुड़े इस विशेष प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त हुआ।
यह संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी के मार्गदर्शन एवं संचालन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य नृत्य को केवल कला नहीं, बल्कि चेतना, अनुशासन और आत्म-विकास का माध्यम बनाते हुए शिक्षकों को एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्य फैकल्टी द्वारा विशेष मेंटॉरशिप प्रदान की गई। प्रशिक्षण सत्रों में नृत्य की तकनीकी बारीकियों, भाव-अभिव्यक्ति, लय, शरीर-साधना, मंच प्रस्तुति एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर गहन अभ्यास कराया गया। साथ ही ध्यान, योग एवं आर्ट ऑफ लिविंग की आध्यात्मिक प्रक्रियाओं को भी प्रशिक्षण का अभिन्न अंग बनाया गया।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मॉडर्न डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, इंदौर की डॉ. मेधा भूषण मैडम (एडमिनिस्ट्रेटर एवं प्रोफेसर) LNCT GROUP OF INSTITUTES ने भी सहभागिता की। प्रशिक्षण के सफल समापन पर उन्हें ‘श्री श्री नाट्य’ शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। उनकी सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि कला और शिक्षा का समन्वय व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें भविष्य में ‘श्री श्री नाट्य’ के माध्यम से भारतीय कला, संस्कृति और चेतना के प्रसार हेतु प्रेरित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय नृत्य परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
-इंदौर 26-12-2025
