
भारत की अंतरिक्ष शक्ति का ऐतिहासिक प्रमाण
6100 किलोग्राम के अमेरिकी उपग्रह का सफल प्रक्षेपण
भारत ने एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी अभूतपूर्व तकनीकी क्षमता और वैश्विक विश्वसनीयता का परिचय दिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित शक्तिशाली प्रक्षेपण यान के माध्यम से लगभग 6100 किलोग्राम वजनी अमेरिकी उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। यह उपलब्धि भारत को विश्व के अग्रणी अंतरिक्ष प्रक्षेपण देशों की श्रेणी में और अधिक सुदृढ़ करती है।
इस मिशन के सभी चरण पूर्णतः सफल रहे। उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में सटीक रूप से स्थापित किया गया, जो ISRO के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की उच्चतम कार्यकुशलता, अनुशासन और समर्पण को दर्शाता है। यह सफलता भारत की आत्मनिर्भर तकनीक, अनुसंधान क्षमता और नवाचार का प्रतीक है।
LNCT ग्रुप के सचिव श्री अनुपम चौकसे ने बधाई संदेश में कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर LNCT ग्रुप ISRO के समस्त वैज्ञानिकों, अभियंताओं एवं तकनीकी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएदेते हुए कहा—
“ISRO के वैज्ञानिकों ने 6100 किलोग्राम जैसे भारी अमरीकी उपग्रह का सफल प्रक्षेपण कर देश का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। LNCT ग्रुप की ओर से मैं ISRO की पूरी टीम को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। यह सफलता देश के युवाओं को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत की यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि भारतीय वैज्ञानिक आज किसी भी वैश्विक चुनौती का समाधान करने में सक्षम हैं और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।
प्रेरणा का स्रोत
ISRO की यह सफलता न केवल वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि यह देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और युवा वैज्ञानिकों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है। LNCT ग्रुप सदैव विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को प्रोत्साहित करता रहा है और भविष्य में भी देश के वैज्ञानिक विकास में अपना योगदान देता रहेगा।
